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हिजड़े पर कविताएँ

भारतीय समाज में हिजड़ों

की स्थिति हमेशा हाशिए की रही है। उनके अपने अंधकार और व्यथाएँ हैं। हिंदी कविता ने इस स्थिति को समय-समय पर दर्ज करने की कोशिश की है। प्रस्तुत चयन ऐसी ही कविताओं का है।

हिजड़े

हरीशचंद्र पांडे

हिजड़े

निलय उपाध्याय

हिजड़े

कृष्णमोहन झा

किन्नर

यतीश कुमार

हिन्दवी उत्सव 2026

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