हिजड़े

भारतीय समाज में हिजड़ों की स्थिति हमेशा हाशिए की रही है। उनके अपने अंधकार और व्यथाएँ हैं। हिंदी कविता ने इस स्थिति को समय-समय पर दर्ज करने की कोशिश की है। प्रस्तुत चयन ऐसी ही कविताओं का है।