आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "tufan aap se"
Pad के संबंधित परिणाम "tufan aap se"
ओं आप ही आप आप उपन्ना
ओं आप ही आप आप उपन्ना, जद रा कहुं विचारूं।जद कोई चांद न सूरज, पौन न पाणी, अठकुळ परवत।
जसनाथ
ओं पैलां सिंभू आप उपन्ना
ओं पैलां सिंभू आप उपन्ना, जप रैया निरकारूं।जोग छत्तीसूं न्यारा रहिया, कुहाया एकैकारूं।
जसनाथ
माधव, आप सदा के कोरे
माधव, आप सदा के कोरे।दीन-दुखी जो तुमको जाँचत, सो दाननि के भोरे॥
सत्यनारायण कविरत्न
षरज कहाँ से, रिषभ कहाँ से
गोपाल
इंदु से बदन, नैन खंजन से
इंदु से बदन, नैन खंजन से, कंठ कोकिल बचन सुहाई।नासा कीर, अधर विद्रुम, दाड़िम दसन दमकाई॥
तानसेन
रस रे निर्गुन राग से
रस रे निर्गुन राग से, गावै कोइ जाग्रत जोगी।अलग रहै संसार से, सो इस रस का भोगी॥
मलूकदास
लागी हो गोविंदा से पिरती
लागी हो गोविंदा से पिरती।हृदय कमल में जब तक देखूं, परम सुंदर भरी श्याम की मूरती॥
केशवस्वामी
अब दिन रात्रि पहार से भये
अब दिन रात्रि पहार से भये।तब ते निघटत नाहिनि जब ते हरि मधुपुरी गये।
कुंभनदास
मुँह से राम हय जी
मुँह से राम हय जी, उन घर क्या कम हय जी॥भजन पूजन तो कछु नहिं जाने, अजब करत है दुनिया।
मध्व मुनीश्वर
हम तुम पिया एक से दोऊ
हम तुम पिया एक से दोऊ।मानौ बिलग न नेक सांवरे घट बढ़िकै नहिं कोऊ॥
भारतेंदु हरिश्चंद्र
सदा ही नांव धणी से लीजे
सदा ही नांव धणी रो लीजे, किसड़ी वार सुवारो।नांव लियां भो पातक भाजै (झड़सी), सो कांई नांव विसारो।
जसनाथ
साधो, सो सतगुरु मोंहि भावै
साधो, सो सतगुरु मोंहि भावै।सत्त प्रेम का भर भर प्याला, आप पिवै मोंहि प्यावै।
कबीर
ओं बडोत सिंभू सिरजणहार
जुग चौफेरी आप उपन्ना, प्रळे प्रळे धंधुकार।बाहर सिंभू आप उपन्ना, भीतर सिरज्यो सौ’ संसार।