आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "rajasthani ghazal sangrah part 108 109 ebooks"
Kavita के संबंधित परिणाम "rajasthani ghazal sangrah part 108 109 ebooks"
शाइर की बीवी का ग़ज़ल गुनगुनाना
मैं धीरे से मुस्कुराता हूँवही शख़्स हूँ मैं जिसके लिए इन सबने ग़ज़ल बनकर
ऋतुराज
ओ! एडवर्ड हापर (1882-1967) होटल रूम, थाइसैन संग्रह, लूगानो
ओ, क्या उदासी, अचेत, कि वह उदासी है!क्या निराशा, अचेत, कि वह निराशा है!
चेस्लाव मीलोष
ग़ज़ल
मैं गुम-सा घूमता हूँ कहो मेरा घर-बार कहाँ हैजो उड़ रही थी अभी, पक्षियों की क़तार कहाँ है?
गुरभजन गिल
सागर लहरों-से आओ
पवन की मुट्ठी के तीक्ष्ण शर सेपर्त-पर्त पानी फेंकता अँजुरी में,