परिणाम "dr eman ka chota bhai"
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यह मानव जो कभी नियति का खेल-मात्र थासेवक था
मेरे भाई, मेरे राख के भाईइस लिफ़ाफ़े पर बस हवा का पता दर्ज है
भाई का कोई घर-धाम नहीं है।मगनी का सुख नहीं सुहाता भाई को
मजीद भाई का बयान नहीं था।
परछाई पर का लांछन धो दिया जाएगादिन का नहीं होगा पर्दा फ़ाश
हमने कहा, व्यर्थ जनता को क्यों बहकाते?दाढ़ी वालों को भी, चोटी का बतलाते॥
भई प्रेम अपनी जगह हैऔर
कैंसर वार्ड से प्रेषितभाई का यह अंतिम पोस्टकार्ड मैं पढ़ता
गाँधी का हो देश प्यारा ऐसा देश बसाओअमन-पुजारी रूप पवित्र, वैसा वेश बनाओ।
असीम सुख का पर्याय था उन दिनोंभाई के कपड़े पहनना
भाई जागोतुम्हारे शहर का नाम बदल गया है।
डायरी लिखते थे पिताकिसी की डायरी नहीं पढ़ने की
वे मेरे तीन भाई थे :मेरा भाई, मेरा भाई और मेरा भाई।
मुझसे बाहर भी तुम्हारा होना होमेरी धरती के बाहर की
चोटी पर विराजमान हैंचोटी के विद्वान
सुनूँगा तुम्हारे खर्राटेभाई !
किसने तुमको भाँग पिलाई?समझो अपनी ताक़त भाई!!
भाई की आईयाद
(पढ़ने के लिए)सुनो भई गप्प, सुनो भई शप्प,
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