Font by Mehr Nastaliq Web

शिवमंगल सिंह सुमन पर 5 प्रसिद्ध और सर्वश्रेष्ठ कविताएँ

355
Favorite

श्रेणीबद्ध करें

पथ भूल न जाना पथिक कहीं!

शिवमंगल सिंह 'सुमन'

फिर व्यर्थ मिला ही क्यों जीवन

शिवमंगल सिंह 'सुमन'

आज देश की मिट्टी बोल उठी है

शिवमंगल सिंह 'सुमन'

जेल में आती तुम्हारी याद

शिवमंगल सिंह 'सुमन'