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वात्स्यायन के उद्धरण

यदि नायक नायिका के पैरों को उठाकर अपने कंधों पर रख ले, तो उसे 'जृम्भितक' आसन कहते हैं। इस आसन में नायक नायिका के दोनों पैरों को ऊपर उठाकर अपने कंधों पर रखकर संभोग करता है।