Font by Mehr Nastaliq Web

कृष्ण बिहारी मिश्र के उद्धरण

विविध कर्मकाण्ड-विधान शुभाग्रही मन की व्यवस्था है। और यह व्यवस्था ज़िंदगी के आस्वाद और सुरभि को जिलाये रखने में विशिष्ट भूमिका निभाती रही है।