Font by Mehr Nastaliq Web

महात्मा गांधी के उद्धरण

विदेशी भाषा सुवर्णमय होने पर भी उपयोगी नहीं हो सकती। हमारी भाषा तृणवत् हो, तो उसे स्वर्णमय बनाना चाहिए।