हरिशंकर परसाई के उद्धरण
सम्मेलन की सफलता इस बात से नापी जाती है कि वहाँ कितने लोगों ने आपको कितनी और किस-किस तरह की गालियाँ दीं, और यह है कि लोग तालियाँ पीट रहे थे।
-
संबंधित विषय : व्यंग्य