Font by Mehr Nastaliq Web

रवींद्रनाथ टैगोर के उद्धरण

साधारण लोगों की दया; दियासलाई की तीलियों की तरह एक विशेष रूप से घर्षण करने पर ही प्रज्वलित होती है, और लोकाचार की छोटी-सी डिबिया में बंद रहती है।