पॉलो फ़्रेरा के उद्धरण
प्रभुत्व के लिए स्वभावतः दो ही और सर्वथा अंतर्विरोधी ध्रुव आवश्यक होते हैं : एक और प्रभुत्वशाली उत्पीड़क वर्ग, और दूसरी ओर अधीनीकृत उत्पीड़ित वर्ग।
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