जब नायक किसी दूसरी नायिका पर आसक्त्त हो और नायिका किसी दूसरे पुरुष में आसक्त हो, ऐसी स्थिति में जब नायक-नायिका किसी प्रयोजन से परस्पर संभोग रत हों, तो उसे 'कृत्रिमराग' कहते हैं। उस कृत्रिमराग में नायक को कामशास्त्रीय आलिंगन, चुंबन आदि समस्त उपायों का प्रयोग करना चाहिए।