गुणसंपन्न होने पर भी हीनकुल में उत्पन्न; कुलीन होने पर भी धनहीन (ग़रीब) घर की लड़की, जो समान अवस्था वाले कुलीन युवकों में विवाह के लिए याचित न की गई हो, माता-पिता से हीन होने के कारण संबंधियों के परिवार में पालित, युवावस्या को प्राप्त कन्या को अपने विवाह के लिए स्वयं प्रयत्न करना चाहिए।