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श्याम मनोहर के उद्धरण

अच्छा गद्य-लेखन भावनाओं-विचारों का ऐश नहीं कर सकता। अच्छा गद्य-लेखक बेमज़ा, उबाऊ ज़िंदगी जीता है। जोशीला गद्य-लेखक, झूठी-मूठी काव्यात्मकता वाली और मूल को मतलब में रूपांतरित करने वाली भाषा बनाता है।

अनुवाद : निशिकांत ठकार