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पद-80

pad-80

नया साल क्या कुछ कम आया

आधा राशन भरकर जैसे बोरा मुँह तक मिले सिलाया

अर्धाली को ही पूरी चौपाई के लहजे में गाया

देना था जो फूल तुम्हें वो पुल के नीचे फेंक बहाया

अथवा किसी पपीहे ने हत्यारे को पी कहाँ सुनाया

अपना काम चला पौने में औरों का कर दिया सवाया

रहा खोजता मूलमंत्र तो जगह जगह विज्ञापन पाया

एक आदमी चीन्ह रहा था पकड़े परछाईं की छाया

सबके नाम के आगे श्री था, पीछे जाति धर्म की माया

आँसू के कुछ बटन लगाकर बंद किया चमड़े की काया

नए साल के पहले हफ़्ते अष्टभुजा फिर से पगलाया।

स्रोत :
  • रचनाकार : अष्टभुजा शुक्ल
  • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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