जोधपुर के रचनाकार

कुल: 8

मारवाड़ के राजा और रीतिकालीन कवि आचार्य। अलंकार निरूपण ग्रंथ 'भाषा भूषण' से हिंदी-संसार में प्रतिष्ठित।

वृंद

1643 - 1735

रीतिकालीन नीतिकवि। सूक्तिकार के रूप में स्मरणीय।

धीमे-धीमे, लेकिन अपनी धुन में रहने-रचने वाले हिंदी के अनूठे कवि-लेखक-कलाकार।

नई पीढ़ी की कवयित्री।

रीतिकाल की भक्त कवयित्री। कविता में परंपरागत आदर्श का निरूपण।

जोधपुर की महारानी। परिजनों की अकालमृत्यु के कारण असार संसार से विरक्त होकर कृष्ण-भक्ति में लीन हुईं और भक्ति के सरस पदों की रचना की।

सुपरिचित कवि-लेखक।

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