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उसकी शान में जो स्थितियाँ बदलता है

uski shaan mein jo sthitiyan badalta hai

नादिया इबराशि

नादिया इबराशि

उसकी शान में जो स्थितियाँ बदलता है

नादिया इबराशि

और अधिकनादिया इबराशि

    (एक मिस्री कहावत)

    एक होता है जीवन

    एक जीवन अनवरत

    एक विषाणु का अनुगमन करता

    जिसका नाम सूर्य के नाम पर रखा गया है

    इसके काँटों भरे ताज के समक्ष

    खुल जाते हैं रहस्यमय दरवाज़े

    दोस्त एक लौटी

    दूरस्थ शहरों की टोह लेकर

    बुख़ार में तपती

    तालीम के आस्ताने में

    वह एक वेंटिलेटर में जकड़ी है

    रहस्य के छोर पर मंडराती हुई

    वह जवाब देती है

    परवरदिगार की पुकार का

    नदी में उठी एक लहर-सी

    जो सागर की ओर फिसलती है

    विलीन होती वह

    अंतिम गीत के उन्माद में

    स्रोत :
    • पुस्तक : सदानीरा पत्रिका
    • संपादक : अविनाश मिश्र
    • रचनाकार : नादिया इबराशि

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