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तुम्हारे हाथों को देखते हुए

tumhare hathon ko dekhte hue

अनुवाद : सरिता शर्मा

मार्टिन कार्टर

मार्टिन कार्टर

तुम्हारे हाथों को देखते हुए

मार्टिन कार्टर

और अधिकमार्टिन कार्टर

    नहीं!

    मैं ख़ामोश नहीं होऊँगा!

    बहुत कुछ

    हासिल करना है मुझे

    अगर तुम देखते हो मुझे

    किताबें को निहारते हुए

    या तुम्हारे घर आते हुए

    या धूप में घूमते हुए

    जान लो आग की तलाश है मुझे!

    मैंने सीखा है

    किताबों से प्यारे बंधु

    स्वप्नदर्शी ज़िंदा लोगों के बारे में

    प्रकाशहीन कमरे में भूखे-प्यासे रहते हुए

    जो मर नहीं पाए क्योंकि मौत उनसे ज़्यादा दीन थी

    जो सपना देखने के लिए नहीं सोते थे, बल्कि दुनिया को

    बदलने के सपने देखा करते थे।

    और हाँ

    अगर तुम देखते हो मुझे

    तुम्हारे हाथों पर नज़र डालते हुए

    तुम्हारी बात सुनते हुए

    तुम्हारे जुलूस में चलते हुए

    तुम्हें जान लेना चाहिए

    मैं सपना देखने के लिए नहीं सोता, बल्कि दुनिया को

    बदलने के सपने देखा करता हूँ।

    स्रोत :
    • पुस्तक : विश्व की श्रेष्ठ कविताएँ (पृष्ठ 89)
    • रचनाकार : मार्टिन कार्टर
    • प्रकाशन : इंडिया टेलिंग
    • संस्करण : 2020

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