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तुम्हारा सबसे पहला शब्द था प्रकाश

tumhara sabse pahla shabd tha parkash

अनुवाद : नेहल शाह

रेनर मरिया रिल्के

रेनर मरिया रिल्के

तुम्हारा सबसे पहला शब्द था प्रकाश

रेनर मरिया रिल्के

और अधिकरेनर मरिया रिल्के

    तुम्हारा सबसे पहला शब्द था प्रकाश,

    और प्रारंभ हुआ समय।

    फिर तुम लंबे समय तक मौन रहे,

    तुम्हार दूसरा शब्द था मनुष्य,

    और प्रारंभ हुआ भय,

    जो अब तक हमें पकड़े हुए है,

    क्या तुम पुनः कुछ कहने जा रहे?

    मैं नहीं चाहता तुम्हारा तीसरा शब्द।

    कभी-कभी मैं प्रार्थना करता हूँ,

    कि तुम कुछ कहो,

    तुम्हारी क्रिया केवल संकेत हो,

    तुम लिखते रहो,

    चेहरों और चट्टान पर,

    तुम्हारे मौन के अर्थ को,

    तुम बचा लो हमें उस क्रोध से,

    जिसने स्वर्ग से खदेड़ दिया हमें।

    हमारे चरवाहे बनो,

    किंतु हमें कभी मत पुकारो,

    कि हममें सामर्थ्य ही नहीं है

    यह जानने का

    कि आगे क्या है।

    स्रोत :
    • पुस्तक : सदानीरा पत्रिका
    • संपादक : अविनाश मिश्र
    • रचनाकार : रेनर मरिया रिल्के

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