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तेसर वनवास

tesar vanvas

गुफरान जीलानी

गुफरान जीलानी

तेसर वनवास

गुफरान जीलानी

और अधिकगुफरान जीलानी

    नवराष्ट्रवादी

    देशभक्त लोकतांत्रिक भीड़

    वर्त्तमान भारतीय लोकतंत्र केर

    जरल-कटल

    बलात्कारित खूनसँ लथपथ

    असली चेहरा

    विश्वपटलपर प्रस्तुत कऽ

    समस्त विश्वसँ

    हमर परिचय करबैत अछि

    देखाओल जाइत अछि

    समस्त संसारकेँ

    जमशेदपुरक मस्जिदमे जबरन घुसिकऽ

    जय श्रीराम

    जय-जय श्रीरामक नारा

    खूनसँ लथपथ हाथ जोड़िकऽ नेहोरा करैत

    जीवनदानक भीख मँगैत

    अनेक-अनेक आदम केर

    औलादक लहासक

    रक्तरंजित ढेरीपर

    भूख-प्याससँ बिलबिलाइत

    चीखैत-चिल्लाइत, ढेकरैत-भोकरैत

    दूबर-पातर मरियल सन गाय

    देखाओल जाइत अछि

    समस्त संसारकेँ

    अलवर, ऊना, लातेहार

    रोहित, नजीब, जुनैद अखलाक

    सहारनपुर, शब्बीरपुर

    अनेक-अनेक

    दलित-मुसलमानक उजड़ल बस्ती

    अहिंसावादी

    एहि लोकतांत्रिक देशमे

    नित्-नित्, नव-नव

    हिंसावादी कारनामा

    प्रकट होइत अछि विश्वमंचपर

    राम राज्यक मंशासँ

    लाल होइत एहि धरतीपर

    श्रीराम रोज पधारैत छथि

    मुदा

    रक्तरंजित एहि धरतीपर

    अपन पावन पग

    राखि नहि पबैत छथि

    आब भगवान राम

    मिथिला माँ सीताक पावन धरती

    अपन सासुरो अयबाक लेल

    तैयार नहि छथि

    आब अन्ततः

    हताश, निराश, उदास

    चलि जेताह तेसर वनवास!

    (कैफी आजमीसँ क्षमा याचनाक संग)

    स्रोत :
    • पुस्तक : लाल ओसक बुन्न [मैथिली कविता-संग्रह] (पृष्ठ 42)
    • रचनाकार : गुफरान जीलानी
    • प्रकाशन : नवारम्भ, पटना
    • संस्करण : 2018

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