Font by Mehr Nastaliq Web

तीन शीर्षकहीन कविताएँ

teen shirshakhin kavitayen

अनुवाद : प्रचण्ड प्रवीर

बिंग शीन

बिंग शीन

तीन शीर्षकहीन कविताएँ

बिंग शीन

और अधिकबिंग शीन

    एक

    माँ,

    क्या तुम एक नज़र देखोगी

    मेरी छिटपुट रचनाओं को?

    ये लफ़्ज़

    तुम्हारे सीने में ही तो थे

    मेरे पैदा होने से भी पहले

    दो

    सपने आख़िरी होंगे जो धोखा देंगे

    स्पष्ट तौर पर,

    ईमानदारी से,

    यह दर्शाएँगे

    एकदम छुपा हुआ अर्थ

    और छुपाई हुई चिंता

    तुम्हारी आत्मा में

    तीन

    मैं कहाँ ढूँढ़ सकती हूँ

    अपरिमित रहस्य?

    मुस्कान के बाद

    कहने से पहले

    यही रहस्य है

    स्रोत :
    • पुस्तक : सदानीरा पत्रिका
    • संपादक : अविनाश मिश्र
    • रचनाकार : बिंग शीन

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY