संभावित पुरुष

अनुराधा अनन्या

संभावित पुरुष

अनुराधा अनन्या

और अधिकअनुराधा अनन्या

    हर समय में संभावित पुरुष पैदा किए जाते हैं

    शिक्षा और संस्कार ग्रहण करते हुए बच्चे

    अक्सर व्यस्त दिखाई देते हैं—

    पुरुष बनने के अभ्यासों में

    अपनी उम्र भूल कर वे ताक़त का प्रयोग करते हैं

    शासकों-सा अनुभव झलकता है उनके चेहरों पर

    जबकि उन पर मासूमियत को होना था

    उनका हठीला बालमन कुचलता रहता है

    घर की औरतों के सम्मान को,

    बच्चियों के उजले मन को

    बच्चियाँ हर मौसम में उदास रहती हैं—

    घरों में मुरझाई हुई बेलों की तरह

    औरतें पालती ही रहती हैं संभावित पुरुषों को

    शासक पुरुष सत्ता सुनिश्चित करते हैं—

    पुरुष उत्तराधिकारियों के लिए

    और बच्चे अभ्यासरत हैं—पूरी शिद्दत से,

    अनजान और विस्मृति में डूबे हुए!

    स्रोत :
    • रचनाकार : अनुराधा अनन्या
    • प्रकाशन : सदानीरा वेब पत्रिका

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