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सझिया दलान

sajhiya dalan

विकास वत्सनाभ

विकास वत्सनाभ

सझिया दलान

विकास वत्सनाभ

और अधिकविकास वत्सनाभ

    हमर स्मृतिक आँगनमे

    एखनहुँ ओहिना जीवंत अछि

    सरदपुरिये मूलक सझिया दलान

    दलान जे बनाओल छल पाँचो पितामहक

    जकर भीतमे समाहित छल इतिहास

    पचभैंयाक समवेत संघर्षक

    अकौराबालीक चूनसँ छछारल

    दलानक भीतपर

    गेरुआ रंगसँ लिखल रहैत छल

    'जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी'

    पितामह लोकनि

    नित्तह करैत छलाह संध्या-बंदन

    गबैत छलाह साँझ-पराती

    एतहि जरैत छल फगुआक सम्मत

    एतहि जोगीड़ा गबैत छल

    पुबारि टोलक कीर्तनियाँ मंडली

    एतहि बिलौकी मँगैत

    सीता-स्वयंवर करैत छलाह

    रामलीला मंडलीक पुरन्धर व्यासजी

    एतहि माघी नहाइत सुनैत छल सब गोसाइँनाम

    एतहि होइत छल मूड़न, उपनयन, यज्ञ, अष्टजाम

    कहियो अपन सामंतवादी गाममे

    मालिकक लठैत रहल पितामह लोकनि

    एही दलानपर गौने छलाह मुक्तिगीत

    लाठी त्यागि धयने छलाह लागन

    से सदरपुरिये एखन कलम धयने

    एकचुल्हियाक ओरियानमे

    चरिचुल्हियाक अदहन सुनबाक आग्रही

    एहि दलानक बिसरल अछि इतिहास

    हमरा पीढ़ी धरि त' बाँचल अछि

    बुढ़िया गाछीक एक टा सझिया जामुनक गाछ

    मुदा एहि कविताक अतिरिक्त

    आओर की बाँचत आगत संततिक लेल

    एहि बेर पितरपक्ष

    जामुनक गाछ बेचबाक

    समांग सभ कयलनि अछि ओरियान

    नहि रहलाह पितामह लोकनि

    ने रहल दलान

    जहिना उजड़ल दलान तहिना उसरल इनार

    जँ किछु बाँचल अछि त'

    पितामह सभक गवाक्षक साक्षी एक टा करीन

    आश्वस्त रहू पितामह लोकनि

    तर्पणक हेतु ठाढ़ छी इनारक जगतिपर

    सदरपुरिये कहियो नहि भ' सकत

    करीनक ऋणसँ उऋण

    स्रोत :
    • पुस्तक : नेपथ्यसँ अबैत हाक (पृष्ठ 100)
    • रचनाकार : विकास वत्सनाभ
    • प्रकाशन : किसुन संकल्प लोक, सुपौल
    • संस्करण : 2025

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