मान लो मैं अल ग्रीन के गीत “लव एंड हैप्पीनेस” के उस हिस्से में
लिपटा हुआ हूँ जहाँ शुरुआती पाँव-थिरकन के बाद, गिटार की टंकार हवा में म्म्म्म्घ-सी एक गंध उठा देती है।
मान लो तुम मुझसे बात कर रहे हो; जब यह हो रहा है और तुम्हारी भावनाएँ आहत हो रही हैं, लेकिन मैं सचमुच तुम्हारी बात सुन नहीं सकता
और सच तो यह है कि मैं तुम्हारे चेहरे की ओर उँगली उठाकर, न-न करता हूँ, जब तुम
या फिर बियॉन्से के ‘Mine’ में वह गिरावट जहाँ वह कहती है—इस राज्य में कोई विश्राम नहीं।
(अपने लिए नोट: “Once, Twice, Three Times Beyoncé” नाम का एक पॉप गीत लिखना है।)
अल की आवाज़ के रेशे; बियॉन्से की गहरी रूई-जैसी गाँठें मेरे भीतर, जैसे चक्रों में ठूँसी हुई हैं।
मेरी विचार-प्रक्रिया की मुख्य सड़क पर; मुझे एक धुँधला-सा एहसास होता है, मानो मुझे परवाह हो कि
तुम क्या कह रहे हो। एक भुतही-सी पहचान कि तुम्हारा अपमान हो रहा है, लेकिन सच में?
मुझे एक मिनट दो। तर्क का यह अभाव; लेकिन एक ऐसी बाढ़, जो मुझे पूरी तरह तर्कसंगत लगती है,
क्या यह मैं सोचता हूँ, क्या यह स्वाभाविक है? या संगीत मुझे एक समाज-विरोधी प्राणी बना देता है?
मेरा रूममेट डैनी कहता है कि संगीत तुम्हें समलैंगिक बना देता है, लेकिन केवल कुछ लोग ही समझ पाते हैं कि उनके साथ यह हो रहा है।
- रचनाकार : टॉमी पीको
- प्रकाशन : हिन्दवी के लिए अनुवादक द्वारा चयनित
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