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मरते वक़्त वह शख़्स

marte vaqt wo shakhs

अनुवाद : सुरेश सलिल

शुन्तारो तानीकावा

शुन्तारो तानीकावा

मरते वक़्त वह शख़्स

शुन्तारो तानीकावा

और अधिकशुन्तारो तानीकावा

    मरते वक़्त वह शख़्स क्या-क्या छोड़ गया अपने पीछे?

    एक अदद बीवी

    और एक बच्चा

    बस्स, और कुछ नहीं छोड़ गया वह शख़्स अपने पीछे।

    मरते वक़्त वह औरत क्या-क्या छोड़ गई अपने पीछे?

    एक मसला हुआ फूल

    और एक बच्चा

    बस्स, और कुछ नहीं छोड़ गई वह औरत अपने पीछे।

    फ़क़त एक पोशाक तक नहीं छोड़ गई वह अपने पीछे।

    मरते वक़्त वह बच्चा क्या-क्या छोड़ गया अपने पीछे?

    एक टेढ़ी टाँग

    और एक क़तरा सूख चुका आँसू

    बस्स, और कुछ नहीं छोड़ गया वह बच्चा अपने पीछे।

    फ़क़त एक याद तक नहीं छोड़ गया वह अपने पीछे।

    मरते वक़्त वह सैनिक क्या-क्या छोड़ गया अपने पीछे?

    एक टूटी बंदूक़

    और एक दुष्ट संसार

    बस्स, और कुछ नहीं छोड़ सका वह सैनिक अपने पीछे।

    फ़क़त सुकून का एक लम्हा तक नहीं छोड़ सका वह अपने पीछे।

    मरते वक़्त ये सब लोग क्या-क्या छोड़ गए अपने पीछे?

    फेफड़ों को सिकोड़ता-फुलाता मैं

    और फेफड़ों को सिकोड़ते-फुलाते तुम

    बस्स, और कोई नहीं—और कोई नहीं छूटा उनके पीछे।

    स्रोत :
    • पुस्तक : रोशनी की खिड़कियाँ (पृष्ठ 401)
    • रचनाकार : शुन्तारो तानीकावा
    • प्रकाशन : मेधा बुक्स
    • संस्करण : 2003

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