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लीडा और उसका हंस

liDa aur uska hans

अनुवाद : शायक आलोक

ओल्गा ब्रूमास

ओल्गा ब्रूमास

लीडा और उसका हंस

ओल्गा ब्रूमास

और अधिकओल्गा ब्रूमास

    तुम्हारे पाँवों के नाख़ून सुर्ख़ हैं, पिंडलियों पर

    कत्थई रोएँ हैं, ओह! मुझे

    तुमसे प्रेम करने दो, पिता

    पृष्ठभूमि में ठहरे हुए हैं

    सहमति में सिर हिलाते हुए।

     

    मैं तुम्हारे ख़्वाब देखती हूँ

    कि तुम धीमी गति से हिलते स्तनों से

    कपड़े उतार रही हो

    मैं तुम्हारे ख़्वाब देखती हूँ

    कि दुबली-पतली औरतों के साथ

    चली जा रही हो, मैं ख़्वाब देखती हूँ।

     

    पिता लोग हद से ज़्यादा लंपट बूढ़ों 

    की तरह सिर हिला रहे हैं 

    पिता लोग अपनी समूची सत्ता के साथ मंज़ूरी दे रहे हैं :

    जैसे फ़ारसी बादशाह हुक्म दे रहे हों 

    कि सूरज हर सुबह उगे

    और हर शाम डूब जाए, मैं ख़्वाब देखती हूँ।

     

    सफ़ेद स्नानघर की सतहें

    गोल हौज़

    तुम उनके बीच खड़ी हो

    बाल, बाँहें, मेरी इंद्रियाँ

    सब ढीले पड़ रहे हैं।

     

    पिता लोग ड्रेस्डेन की मूर्तियों जैसे हैं

    अवशेष-भर, एक क़िस्सा-भर

    छोटी-छोटी प्रतिमाएँ

    जिन्हें ननों के हाथों ने गढ़ा है।

    तुम्हारी

    सुर्ख़ नोकों वाली उँगलियाँ

    उस भद्दे आत्म-त्याग में शरीक न हों।

    सुर्ख़ इबादतें हमारे कमरे को हिला देती हैं

    तुम्हारी जाँघों के ऊपरी हिस्से में

    अमेरेलिस खिलता है,

    मेरी जाँघों में कुमुदिनी, उत्कट डेल्टा।

     

    बिस्तर तैर रहा है, महीन लिनन

    हवा में लहरा रहा है :

    जैसे नील, अमेज़न,

    मिसिसिपी।

    ***

    स्रोत :
    • रचनाकार : ओल्गा ब्रूमास
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए अनुवादक द्वारा चयनित

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