वर्ष 1949 में हुआ।
मैं कभी नहीं चाहती थी
कि यह तथ्य जाना जाए
बल्कि अपनी वयस्क ज़िंदगी का
बेहतर हिस्सा मैंने
अपने शुरुआती बरसों को
कालीन के नीचे बुहार देने
और ऐसी ज़िंदगी जीने की कोशिश में बिताया
जो साफ़ तौर पर मेरी अपनी हो
और मेरे परिवार की
ऐतिहासिक नियति से
स्वतंत्र हो।
क्या तुम कल्पना कर सकते हो
कि उनमें से एक होना कैसा था
उनकी तरह बना होना
उनकी तरह बात करना
उस सारे विशेषाधिकार का मालिक होना
जो ऐसे धनवान
और शक्तिशाली
अमेरिकी परिवार में जन्म लेने से मिलता है?
मैंने सबसे अच्छे विद्यालयों में पढ़ाई की
हर तरह के निजी शिक्षक
और प्रशिक्षक मिले
ख़ूब यात्राएँ कीं, मिली मशहूर और
विवादास्पद लोगों से
और उनसे भी
जो प्रशंसा के योग्य नहीं थे।
और बहुत छोटी उम्र में ही
मैं जान गई थी कि अगर कभी
इस प्रसिद्ध बोस्टन परिवार की
सामूहिक नियति से बच निकलने की
कोई संभावना हुई
तो मैं वही रास्ता चुनूँगी
और मैंने चुना।
सत्तर के दशक की शुरुआत में
मैं एक एमट्रैक ट्रेन पर सवार हुई
और न्यूयॉर्क चली गई
और तुम कह सकते हो
कि मेरे गुमनाम बरस
वहीं से शुरू हुए।
मैंने सोचा था कि
मैं एक कवि बनूँगी।
इससे ज़्यादा
मूर्खतापूर्ण
और संदिग्ध क्या हो सकता था?
मैं एक लेस्बियन बन गई।
मेरे परिवार की हर औरत
किसी ‘डाइक’ जैसी दिखती है
लेकिन सचमुच ‘डाइक’ बन जाना
झंडे से बाहर क़दम रख देना है।
इस अपमानजनक मुद्रा में खड़ी होकर
मैंने देखा है और मैंने सीखा है
और अब मैं सोचने लगी हूँ
कि इतिहास से बच निकलना
संभव नहीं।
एक औरत
जिसके साथ मेरा इन दिनों प्रेम-संबंध है
उसने कहा—
जानती हो, तुम एक केनेडी जैसी दिखती हो।
मैंने महसूस किया रक्त को मेरे गालों तक चढ़ आते हुए।
लोग हमेशा मेरे बोस्टन उच्चारण पर हँसते रहे हैं,
जब मैं लार्ज को लॉज की तरह बोलती हूँ
और पार्टी को पॉटी की तरह।
लेकिन जब उस बेख़बर औरत ने
पहली बार
मेरे परिवार का नाम ले लिया
तो मैं समझ गई
कि भेद खुल चुका है।
हाँ, मैं हूँ, मैं हूँ एक केनेडी।
गुमनाम बने रहने की मेरी कोशिशें
ज़्यादा काम नहीं आईं।
एक सामान्य कवि के रूप में शुरुआत कर
जल्द ही मैं
अपने पेशे के शिखर तक पहुँच गई
नेतृत्व और सम्मान की
स्थिति में आ बैठी।
अब यह ठीक ही है
कि कोई औरत
मेरा रहस्य खोल दे।
हाँ, मैं एक केनेडी हूँ।
और मैं
तुम्हारे आदेशों की प्रतीक्षा कर रही हूँ।
तुम नए अमेरिकी लोग हो।
बेघर लोग हमारे देश के
सबसे महान नगर की सड़कों पर
भटक रहे हैं।
एड्स से पीड़ित बेघर पुरुष
उनमें शामिल हैं।
क्या यह ठीक है?
कि बेघरों के लिए घर नहीं हैं
कि इन लोगों के लिए
कोई निःशुल्क चिकित्सा सहायता नहीं है?
और औरतों के लिए भी नहीं?
कि उन्हें यह संदेश मिलता है—
जब वे मर रहे हैं—
कि यह उनका घर नहीं है?
और आज
तुम्हारे दाँत कैसे हैं?
क्या तुम उनका इलाज करा सकते हो?
तुम्हारा किराया कितना बढ़ गया है?
यदि कला हमारे समय का
सबसे ऊँचा
और सबसे ईमानदार संचार का रूप है
और कोई युवा कलाकार
अब यहाँ आकर
अपने समय से संवाद भी नहीं कर सकती—
हाँ, मैं कर सकती थी
लेकिन वह पंद्रह साल पहले की बात है
और याद रखो—
जैसा कि मुझे रखना चाहिए—
मैं एक केनेडी हूँ।
क्या हम सबको
केनेडी नहीं होना चाहिए?
यह देश का सबसे महान नगर
व्यापारियों का घर है
और संपन्न कलाकारों का भी।
सुंदर दाँतों वाले लोग
जो सड़कों पर नहीं रहते।
हम इस दुविधा का क्या करें?
सुनो, मैं शिक्षित हूँ।
मैंने पश्चिमी सभ्यता के बारे में पढ़ा है।
क्या तुम जानते हो पश्चिमी सभ्यता का संदेश क्या है?
मैं अकेली हूँ। क्या मैं आज रात
अकेली हूँ? मुझे ऐसा नहीं लगता।
क्या इस रात सिर्फ़ मेरे मसूड़ों से ही ख़ून बह रहा है
क्या आज रात इस कमरे में
मैं ही अकेली समलैंगिक हूँ?
क्या मैं ही अकेली हूँ
जिसके दोस्त मर चुके हैं
या अभी मर रहे हैं?
और मेरी कला
तब तक समर्थन नहीं पा सकती
जब तक वह
विशालकाय न हो जाए
सबकी कला से बड़ी
दर्शकों की इस भावना की पुष्टि करती हुई
कि वे अकेले हैं।
कि केवल वही अच्छे हैं
कि इस कला को देखने के लिए
टिकट ख़रीदने का अधिकार
बस उन्हें है।
कि वही काम कर रहे हैं
वही स्वस्थ हैं
वही जीवित रहने योग्य
और वही हैं ‘सामान्य’।
क्या तुम
आज रात सामान्य हो?
यहाँ मौजूद सब लोग—
क्या हम सब सामान्य हैं?
मेरे लिए एक केनेडी होना
सामान्य नहीं है।
लेकिन अब मुझे शर्म नहीं।
अब मैं अकेली नहीं हूँ।
मैं आज रात अकेली नहीं हूँ
क्योंकि हम सब केनेडी हैं।
और मैं हूँ तुम्हारी राष्ट्रपति।
- रचनाकार : आयलीन माइल्स
- प्रकाशन : हिन्दवी के लिए अनुवादक द्वारा चयनित
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