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ला बुफादोरा

la buphadora

श्याम दरिहरे

श्याम दरिहरे

ला बुफादोरा

श्याम दरिहरे

और अधिकश्याम दरिहरे

    ला बुफादोरा, ला बुफादोरा

    मेक्सिको देश

    बाहा कैलिफोर्निया प्रदेश

    एनसानादा शहरक कातमे बसल

    पुन्टा बन्डा पेनिनसुलाक

    एकटा बेजोड़ मेरिन गाइजर

    वा ब्लोहोल मेजर।

    कातमे बैसल छी पाथरपर असगर

    नीचामे ला बुफादोराक गर्जन

    समुद्रक फुहार

    चलि रहल लगातार।

    ज्ञानी सब कहलनि जे

    समुद्रक लहरि

    ठेलिकऽ हवाकेँ

    कोंचि छै दैत भीतर

    गुफामे पहाड़क

    जखन घुरैत छैक तरंग

    तखन उठै छै खोहसँ आसमर्द

    जलमिश्रित भारी फुहारक।

    कहलक एकटा मेक्सिकोवासी

    जे अइ आवाज फुहारक

    कथा छै दोसर—

    जे कहलनि हमर बाप

    धऽ कऽ अपन कान

    सैकड़ो वर्ष पहिले

    अइ गुफामे पैसि तँ गेलइ

    व्हेलक एकटा बच्चा नादान

    गुफाक पानिमे मोटाइओ गेलइ जल्दी

    मुदा ओछ मुँह दऽ कऽ

    नै निकलि सकलइ

    बेसी मोट भऽ कऽ।

    वैह आब छोड़इ छै

    रहि-रहिकऽ चित्कार

    देखबा लए ओकरे

    होइ छइ टूरिस्टक एते थहाथही।

    हमरा कोनो तर्क नै अरघल

    हम ओहिना रहलहुँ बैसल।

    की तखने गुफाएँ निकलला

    बूढ़ ला बुफादोरा अपने

    सौंसे देह समुद्रक फेनसँ झपने।

    आबिकऽ लग बैसलाह

    लगलाह कहय इतिहास—

    कोना अही समुद्र दऽ कऽ

    एलइ स्पेनसँ किछु बहेलिया

    एकटा जहाज लऽ कऽ

    केलकइ मूलवासीक शिकार

    भरलकइ अपन भंडार

    देशपर कऽ लेलकइ अधिकार।

    बौआ!

    सुद्धा-बुद्धा लोक

    भऽ गेलइ ठामहि गुलाम।

    आइओ बेसी मजूरे बनल छै

    हेरा गेलइ भाषा

    बिला गेलइ भेष

    नामो मिटा गेलइ

    आब अइठामक लोककेँ

    मैक्सिकन नै

    हिस्पैनिक कहइ छै

    सबटा लोको आब स्पेनिसे बजइ छै।

    बदलि गेल सब

    छै नै ककरो आब

    ओइ सबहक परवाहि

    मुदा हम छी ला बुफादोरा

    अदौसँ सबटाक गवाह।

    आवाज अछि हमर विरोधक हुँकार

    जलक फुहार नै

    अछि हमर हथियार

    अन्यायक विरुद्ध फुफकार

    आइओ हमर संघर्ष जारी अछि

    ला बुफादोराक एकाकी ललकार

    आइओ सबपर भारी अछि।

    स्रोत :
    • पुस्तक : क्षमा करब हे महाकवि [मैथिली कविता-संग्रह] (पृष्ठ 128)
    • रचनाकार : श्याम दरिहरे
    • प्रकाशन : नवारंभ, पटना/मधुबनी
    • संस्करण : 2016

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