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कोई बाहर से आता है

koi bahar se aata hai

लाल्टू

अन्य

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लाल्टू

कोई बाहर से आता है

लाल्टू

और अधिकलाल्टू

    कोई बाहर से आता है

    कोई अंदर है।

    कोई भाषा ले आता है

    कोई गूँगा है

    कोई गीत गाता है

    कोई बहरा है।

    किसी के अंदर क्या बुझा है

    कोई सोचता है ढूँढ़ा जाए

    कोई बुझी आँखों से

    किसी को दिखलाता है

    ज़मीन आसमान के रंग।

    कोई थका लौटता

    कोई सोच बुनता है।

    किस ने किसको कितना समझा

    किसी के जाते ही किसी की दुनिया से

    ग़ायब हो जाता किस और किस का निजी इतिहास

    बंद होते ही खिड़की

    बंद हो जाते

    पेड़ आसमाँ फूलों के बाग़।

    किसी की ज़िंदगी बहुत क़रीब होती है

    कोई ज़िंदगी से बहुत दूर होता है।

    स्रोत :
    • रचनाकार : लाल्टू
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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