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कखन हरब दुख मोर

kakhan harab dukh mor

विकास वत्सनाभ

विकास वत्सनाभ

कखन हरब दुख मोर

विकास वत्सनाभ

और अधिकविकास वत्सनाभ

    जखन-जखन झिझिरकोना खेलाइत अछि महानगर

    मुँहे भरे खसैत अछि मिथिला

    घिसियौर कटैत पकड़ैत अछि जनसाधारण

    अछैते पानियें छछरिया कटबाक लेल लचार मिथिला

    अवध-असामक लथेरमे अपनाकें बहटारैत

    अदौसँ बनैत रहल अछि उपनिवेश अपनहि देशक

    सहरसा, पूर्णिया, खगड़िया, सीतामढ़ी, किसनगंज

    आकि सुपौलक कोनो चौबटियापर

    पाँच ट्रिलियन इकोनॉमीक सम्मोहक संकल्प सुनैत

    आकि दोनारि, पंचवटी, आदर्श नगरक कोनो लॉजमे

    रोजगारक विज्ञापन तकैत मिथिलाक युवककें

    'मेक इन इंडिया'क बैनर तर जे भेटैत अछि से

    लोहट-रैयामक चीनी मिल

    बैद्यनाथपुर-समस्तीपुरक पेपर मिल

    आकि मखाना अनुसंधानक ऑफिसपर लटकल ताला

    एहि देशक संसदक प्रश्नकालमे उठैत होयत जतेक प्रश्न

    ताहिसँ बेसी प्रश्न अछि एसगर मिथिला लग

    जखन कि प्रश्न पूछब एखुनका समयमे

    बमोजिम भ' गेल अछि कोनो राष्ट्रीय अपराधक

    तें एहि प्रश्नकाल हेराय जाइत अछि मिथिला

    मंडन त' स्मरण रहैत छथि हमरालोकनिकें

    खंडन मुदा बिसरल जाइत अछि मिथिला

    जमाबंदीक नामपर बेलल्ल होइत मिथिलाक देबालपर

    साटल पोस्टर सभमे भेटि सकैत अछि

    लाल-टरेस अक्षरमे लिखल 'ससुरा बड़ा पईसावाला'

    तकर पाँजरमे अपन मेटाइत परिचितिक संकेत करैत

    एहि अभिशप्त समाजक एक टा कालजयी गीत

    'कखन हरब दुख मोर'

    अतीतक गौरवबोधमे ओझरायल मिथिला

    जानि नहि कहिया सीखत

    अपन अतीते सन

    भविष्यक विराट पटकथा लिखब

    पाग, दोपटा, माला, माइक मंचसँ

    लोकसभा सीट त' बचा सकैत अछि मिथिला

    गाम-समाजक बीट बचयबाक लेल

    खोलय पड़त लटकल ताला सभ

    चाभी कहिया ताकत मिथिला, ताकत चाभी?

    स्रोत :
    • पुस्तक : नेपथ्यसँ अबैत हाक (पृष्ठ 29)
    • रचनाकार : विकास वत्सनाभ
    • प्रकाशन : किसुन संकल्प लोक, सुपौल
    • संस्करण : 2025

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