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फैन्सी ड्रेस

phainsi dress

उदयन ठक्कर

उदयन ठक्कर

फैन्सी ड्रेस

उदयन ठक्कर

और अधिकउदयन ठक्कर

    हम स्कूल के दोस्त मिले आपस में,

    चालीस बरस बाद

    फैन्सी ड्रेस की पार्टी में।

    कोई बना मियाँ फुसकी, कोई तभा भटट्,

    नट्टू बना हेडमास्टर, सुजाता सिण्ड्रेला

    मैं बना कुबड़ा राक्षस।

    मेकअप ज़्यादा किया नहीं था, हालाँकि!

    याद है वो बाथरूम? पहले माले पर?

    दीवार पर खींची थी सीधी लक़ीर और लिखा था :

    ‘जिसका भी फ़व्वारा यहाँ तक पहुँचे,

    सीधा जाकर फायर-ब्रिगेड में नौकरी करे।’

    और वो नट्टू! मास्टरजी ने कैसी ज़ोरदार डाँट पिलाई थी उसे,

    “क्यों,रे! कॉपी कैसे छोड़ दी?”

    नट्टू ने भी बेबाक कह दिया था, ‘‘सर! ब्लैक-बोर्ड पर आपने जो

    भी लिखा था, सब मैंने ज्यों-का-त्यों उतारा था।’’

    “फिर? कॉपी कोरी कैसे?”

    “सर! लास्ट में आपने ब्लैक-बोर्ड को साफ़ जो कर दिया था!”

    नट्टू कोकाकोला की बोतल दाँत से खोला करता था

    आज हँसता है, डेण्चर बाहर निकल आते हैं।

    दुष्यंत गिनती और पहाड़े कैसे बोलता था फर्र-फर्र!

    आज ख़ुद का नाम भी याद नहीं रहता!

    सुजाता मुस्कुराती, तो शहनाइयाँ गूँजतीं।

    आज जस-की-तस कुँआरी बैठी है।

    हर्ष था हाई-जम्प चैम्पियन!

    कूदा धड़ाम से नवीं मंज़िल से।

    मेनका अपने ब्लाउज़ पर पहनती थी तितली का ब्रॉच,

    उसका अब एक ही स्तन है।

    आधी रात तक चली थी हमारी फैन्सी ड्रेस पार्टी।

    सबने पहन रखा था अपना बचपन और

    दिखा दिया था ठेंगा मृत्यु को!

    स्रोत :
    • पुस्तक : तनाव-148 (पृष्ठ 10)
    • संपादक : वंशी माहेश्वरी
    • रचनाकार : उदयन ठक्कर
    • संस्करण : 2021
    हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों का व्यापक शब्दकोश : हिन्दवी डिक्शनरी

    हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों का व्यापक शब्दकोश : हिन्दवी डिक्शनरी

    ‘हिन्दवी डिक्शनरी’ हिंदी और हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों के शब्दों का व्यापक संग्रह है। इसमें अंगिका, अवधी, कन्नौजी, कुमाउँनी, गढ़वाली, बघेली, बज्जिका, बुंदेली, ब्रज, भोजपुरी, मगही, मैथिली और मालवी शामिल हैं। इस शब्दकोश में शब्दों के विस्तृत अर्थ, पर्यायवाची, विलोम, कहावतें और मुहावरे उपलब्ध हैं।

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