गीत बड़े और छोटे बच्चों के लिए
geet baDe aur chhote bachchon ke liye
द्रागूतिन तदियानोविच
Dragutin Tadijanovic
गीत बड़े और छोटे बच्चों के लिए
geet baDe aur chhote bachchon ke liye
Dragutin Tadijanovic
द्रागूतिन तदियानोविच
और अधिकद्रागूतिन तदियानोविच
संसार में वन हैं
जिनमें पशु विचरते हैं
और मनुष्य
भी कटारें और बंदूक़ें लेकर।
कौन देगा उत्तर :
पशु क्या है, और मनुष्य क्या है?
मनुष्य कहेगा : सुनिए!
मैं स्वामी हूँ संसार का,
और जो मेरा विरोध करता है
पाएगा मेरे हाथों में
मृत्यु, अंत अपने जीवन का!
बुद्धिमती लोमड़ी बोलेगी इस पर :
हे कुलीन मानव,
दिखा पाएगा सामर्थ्य अधिक
यदि मृत्यु न बोएगा अपने सब ओर,
वरन् एक-सा ही चाहेगा
मानव को, पशु को, समग्र जगत को।
पर मनुष्य सुनता केवल
अपना ही स्वर, पशु का नहीं,
जंगल में चलता जाता, ताक-झाँकता!...
जब तक भेद न जाती उसको गोली
अदृश्य बंदूक़ की।
- पुस्तक : समकालीन यूगोस्लाव कविता-1 (पृष्ठ 77)
- संपादक : श्यौराजसिंह जैन
- रचनाकार : द्रागूतिन तदियानोविच
- प्रकाशन : बाहरी पब्लिकेशंस, नई दिल्ली
- संस्करण : 1978
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