ओशन, डरो मत!
सड़क का अंत इतना दूर आगे है
कि वह पहले ही हमारे पीछे छूट चुका है
फ़िक्र मत करो।
तुम्हारे पिता सिर्फ़ तब तक तुम्हारे पिता हैं
जब तक तुम दोनों में से कोई एक भूल न जाए
जैसे रीढ़ अपने पंखों को याद नहीं रख सकती
चाहे हमारे घुटने कितनी ही बार ज़मीन को चूमें।
ओशन! क्या तुम सुन रहे हो?
तुम्हारे शरीर का सबसे सुंदर हिस्सा वह है
जहाँ तुम्हारी माँ की छाया पड़ती है
यह रहा वह घर;
जहाँ बचपन तराश-तराशकर
एक लाल फँदेनुमा तार भर रह गया है
फ़िक्र मत करो।
इसे बस क्षितिज कहो
और तुम कभी वहाँ नहीं पहुँचोगे
यह रहा आज
कूद पड़ो
मैं वादा करता हूँ
यह कोई जीवन-रक्षक नौका नहीं है
यह रहा वह आदमी
जिसकी बाँहें इतनी फैली हुई हैं
कि तुम्हारे चले जाने को भी समेट सकें
और यह रहा वह क्षण—
बत्तियाँ बुझ जाने के ठीक बाद का
जब तुम अब भी देख सकते हो
उसकी टाँगों के बीच
मद्धिम-सी मशाल।
कैसे तुम उसे बार-बार
अपनी ही हथेलियाँ खोज लेने के लिए
इस्तेमाल करते हो
तुमने एक दूसरा अवसर माँगा था
और तुम्हें एक मुँह दे दिया गया
जिससे बाहर निकल सको।
डरो मत
गोलियों की आवाज़
सिर्फ़ उन लोगों की आवाज़ है
जो थोड़ा और जीने की कोशिश कर रहे हैं
और असफल हो रहे हैं।
ओशन!
ओशन!
उठो
तुम्हारे शरीर का सबसे सुंदर हिस्सा
वह है जिधर वह जा रहा है
और याद रखो
अकेलापन भी दुनिया के साथ बिताया गया समय है।
यह रहा वह कमरा जिसमें सब मौजूद हैं
तुम्हारे मृत मित्र
तुम्हारे भीतर से ऐसे गुज़रते हैं
जैसे हवा किसी पवन-घंटी के भीतर से।
यह रही एक मेज़,
जिसका एक पाँव टेढ़ा है
और उसे टिकाए रखने के लिए
एक ईंट।
हाँ यह रहा एक कमरा
इतना गरम, इतना
रक्त-जितना निकट
कि मुझे यक़ीन है
तुम जागोगे
और इन दीवारों को
त्वचा समझ बैठोगे।
- रचनाकार : ओशन वुओंग
- प्रकाशन : हिन्दवी के लिए अनुवादक द्वारा चयनित
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