लोअर ईस्ट साइड के झरोखों में से सीटियाँ बजाते
दौलत के तेज़ बहाव से मैं आनंदित हूँ
आनंदित हूँ कि आसमान छूती ऊँचाइयों तक उठे फूहड़ अपार्टमेंट
चौरासीवीं स्ट्रीट की पटरी पर झुके हैं
आनंदित हूँ कि सरमायादार दुनिया में दो हिंदसों तक पहुँच गई
ब्याज-दरों के साथ इस साल की महँगाई ने मुझे सड़क पर ला पटका है
मैं हमेशा एक कम्युनिस्ट की तरह पेश आया हूँ,
हम कामयाब होंगे अब, जबकि लेन-देन का व्यापार
दीवारें पतली से पतली, किताबें मोटी से मोटी और
पहले से ज़्यादा गूँगी बना रहा है
पांडुलिपियों की गुणवत्ता फ़ालतू सोने के वज़न से तोल रहा है—
दौलत के तेज़ बहाव के मानी हैं राष्ट्रीय ऋण का
दसियों लाख तक पहुँच जाना
हर शख़्स उदीयमान डॉलर के पीछे भाग रहा है
हुजूम के हुजूम दुलकी भरते लोग ब्रॉडवे-पार के 'सिटी हाल'
से होते हुए 'फेडरल ऑफ़िस' को मुख़ातिब हैं
अब कोई भी दोस्तोएव्स्की की रचनाएँ नहीं पढ़ता,
लिहाज़ा उन्हें, राष्ट्रपति के भाषणों के दरमियान,
पागलपन क़रार दे दी गई मेरी तल्ख़ टिप्पणियों पर ग़ौर करना होगा।
आर्थिक ढाँचे के ढहने के सिवाय और कुछ भी नहीं घट रहा
लिहाज़ा मकान मालिक के, रिहाइश ख़ाली करने संबंधी, मुक़दमा
जीतने तक मैं अंदर जाकर निश्चित सो सकता हूँ।
- पुस्तक : रोशनी की खिड़कियाँ (पृष्ठ 363)
- रचनाकार : एलेन गिन्सबर्ग
- प्रकाशन : मेधा बुक्स
- संस्करण : 2003
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