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भलमानुस

bhalmanus

श्याम दरिहरे

श्याम दरिहरे

भलमानुस

श्याम दरिहरे

और अधिकश्याम दरिहरे

    क्रान्ति संघर्षक सुनिकऽ नाम

    हमरा आब लागि जाइए बोखार

    धड़कय लगैए छाती

    काँपय लगैए देह

    थर-थर, थर-थर।

    पहिले फनकइ छलिअइ अगिले मोहरा

    जुलूसमे

    टकरायवलाकेँ दइ छलिअइ चेतौनी

    भऽ जयबह चूर-चूर, चूर-चूर।

    कसिकऽ बान्हल मुट्ठी

    फरका-फरका

    कऽ लइ छलिअइ भाषण

    बीचे चौकपर

    लाठी संगीनक मध्य।

    अश्रुगैसक गोला उनटे

    दैत छलिऐक फेकि

    निर्भीक!!

    मुदा आब धऽ लैए पेटझड़ी

    हदमदाए लगैए मोन

    जुलूसक सुनि नाम।

    आब बरू बज्जर खसौ

    अगड़ाही लागउ सबठाम

    जुग-जुग जिबओ व्यवस्था

    बाँचल रहओ हमर

    इनक्रीमेन्ट!

    बोनस!!

    वेतन आयोग!!!

    हम नहि रहलहुँ आब

    अगत्ती अगिलेसुआ

    नहि फूँकैए देहमे कोनो उताप

    हम भलमानुस भऽ गेल छी आब।

    स्रोत :
    • पुस्तक : क्षमा करब हे महाकवि [मैथिली कविता-संग्रह] (पृष्ठ 66)
    • रचनाकार : श्याम दरिहरे
    • प्रकाशन : नवारंभ, पटना/मधुबनी
    • संस्करण : 2016

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