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रघुनाथ मुखिया

और अधिकरघुनाथ मुखिया

    चैतक चैतावरि

    बैशाखक जूड़शीतल

    जेठक अछारमे

    पोखरिक मोहारपर

    टहल मारैत कबइ

    अखाढ़क

    तुलबुलिया मकइक रोटी

    पकायल माछक साना

    आ, हरियर मेरचाइक झाँउस

    साओनक पछुआ सोहाओन

    झमकौआ बरखा

    कामिनीक नेह

    आ, परदेशी पियाक वियोग

    भादवक अन्हरिया

    अरिकंचनक साग

    कच्छाछोप कादो

    ढनढनाइत करिया मेघ

    बिजुरीक चकमकाहटि

    टरटराइत बेंग, झनझनाइत झिंगुर

    आ, सह-सह, पिच-पिच करैत चाली

    आसिनमे फूलक चोरि

    दशहराक रमलिल्ला

    धेमुराक स्नान

    कमलाक पूजा

    आ, कोजगराक पान-मखान

    पूसक थरथरी

    बाँसक बूटक आगि

    भुम्हुरमे पकायल अल्हुआ

    मेंटीक औंटल सोन्हगर दूध

    बबाक डाबरमे

    सौराठीक हुराठ

    आ, सिंगहीक बिन्हब

    माघक सिरपंचमीमे

    हऽर ठाढ़ करैत हरवाहा

    मृदंगक स्वर

    मजिराक झंकार

    खैजरीक चाटी

    आ, कोइलीक बोल

    फागुनमे

    फाउगक स्वर

    मालपुआक मिठौंस

    खस्सीक गुदगर माँउस

    बदलल रंगक-रंग

    गालक गुलाल

    आब तकैत रहियौ

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    स्रोत :
    • पुस्तक : झुझुआन होइत गाम (मैथिली कविता-संग्रह) (पृष्ठ 66)
    • रचनाकार : रघुनाथ मुखिया
    • प्रकाशन : नवारम्भ, पटना/मधुबनी
    • संस्करण : 2018

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