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आत्मालाप

atmalap

विकास वत्सनाभ

विकास वत्सनाभ

आत्मालाप

विकास वत्सनाभ

और अधिकविकास वत्सनाभ

    संवादक एकहक संभावना जखन होअय लागल हो असोथकित

    एक टा भयाओन चुप्पी

    अपन पसरैत हाथें अपसियाँत हो सम्बन्धक घेंट मोकबाक लेल

    जखन जिनगीक संघर्ष अर्थहीन प्रतीत होइत

    अपन चांगुरमे सकबेधय लागल हो सम्भावनाक विस्तार

    पिरथीक सभटा पलास एकाएकी पिरौंछ होअय लागल हो

    सम्बन्धक आत्मीयतापर तेना ने चढ़ल हो शंकाक बीझ

    जे ओकरा हटयबाक प्रयत्नमे सम्बन्ध भने समाप्त भ' जाय

    बीझ मुदा बनल रहय यथावत

    संशयसँ घेरायल परिचिति राहुक ग्रास बनबाक लेल हो उताहुल

    अकाससँ टूटैत तरेगन सन भखरैत हो प्रतिबद्धता

    निविड़ एकांतमे अतीतक स्मृति हाक दैत हो घुरि अयबाक आँगन

    आँगनक उजमाहि तकैत हो निविड़ एकांत

    अपरिचित बसातक सिहकीसँ मिझाय लागल हो अहिबातक पातिल

    कोहबरक लिखियासँ मेटाय लागल हो सिनेहिल आरेख

    छनेक ठमकि क' विचारब कहिया सेरायल स्पर्शक गरमाहटि

    कहिया बुझायल जे मौन बनि गेल संवादक भाषा

    सम्बन्धक ताग ततेक ने होइत अछि मेंही

    एकर उघरब सहजहि नहि होयत दृष्टिगत

    उघरलाक बाद अनुभूतिक नग्नता सिहराओत

    जीवनक माझ उपस्थित विसंगति सभक अछैत

    धूमिल होइत स्मृतिक मादे किछु पाँती एहन लिखि जायब

    जे दुनिया कहियो कतेक सिनेहिल रहय

    संभावित सभ प्रयत्नक अछैत जकरा जोगा नहि सकलहुँ

    एहि आत्मालापकें सुसाइड नोट जकाँ पढ़ल जयबाक चाही

    से एही अनुलग्नक संग—

    सम्बन्धक मृत्यु संवेदनाक मृत्यु होइत अछि

    संवेदनाक मृत्यु कविताक मृत्यु होइत अछि

    कविताक मृत्यु अंततः कविक मृत्यु होइत अछि

    स्रोत :
    • पुस्तक : नेपथ्यसँ अबैत हाक (पृष्ठ 50)
    • रचनाकार : विकास वत्सनाभ
    • प्रकाशन : किसुन संकल्प लोक, सुपौल
    • संस्करण : 2025

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