अमेरिका में
मैं अपनी अँगूठी
तुम्हारे लिंग में पहनाता हूँ
जहाँ उसे होना चाहिए।
न कोई घुड़सवार
दहशत लाते हुए
न विनाश के सिपाही
झपटकर आएँगे
और हमें एक-दूसरे से जुदा कर देंगे।
वे बहुत व्यस्त हैं
इस मुल्क को लूटने में
हम पर नज़र रखने की
उन्हें फ़ुर्सत नहीं।
वे नहीं जानते
कि हमें एक-दूसरे की
सख़्त ज़रूरत है।
उन्हें उम्मीद है
कि हम बीमारी का बहाना करेंगे
सारी रात टेलीविज़न देखेंगे
और अपने ही हाथों मारे जाएँगे।
वे नहीं जानते
कि हम ताक़तवर होते जा रहे हैं।
हर बार जब हम चुंबन करते हैं
हम नई दुनिया के आगमन की पुष्टि करते हैं।
जो बात गुलाब
खिलने से पहले फुसफुसाता है
वही मैं तुमसे अहद करता हूँ।
मैं तुम्हें अपना दिल देता हूँ
तुम्हारे लिए एक सुरक्षित जगह।
मैं तुम्हें ऐसे वादे सौंपता हूँ
जो दूध, शहद और आज़ादी से भी बढ़कर हैं।
मैं यह मानकर चलता हूँ
कि तुम हमेशा एक ख़्वाब रखने वाले
आज़ाद आदमी बने रहोगे।
अमेरिका में
अपनी अँगूठी
मेरे लिंग में पहनाओ
जहाँ उसे होना चाहिए।
हम इतनी लंबी उम्र पाएँ
कि इस ख़्वाब को आज़ाद कर सकें।
***
- रचनाकार : एसेक्स हेम्फिल
- प्रकाशन : हिन्दवी के लिए अनुवादक द्वारा चयनित
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