अन्हेर बात थीक, गीत एखन गाबै छी
anher baat theek, geet ekhan gabai chhi
मायानंद मिश्र
Mayanand Mishra
अन्हेर बात थीक, गीत एखन गाबै छी
anher baat theek, geet ekhan gabai chhi
Mayanand Mishra
मायानंद मिश्र
और अधिकमायानंद मिश्र
अन्हेर बात थीक, गीत एखन गाबै छी
नजरि पड़ैछ जेम्हर, आँखि चढ़ल पाबै छी
जतेक मोड़ छल गलीक से अन्हारे छल
टुटैत साँझसँ भोरक कथा बनाबै छी
जिबैत देखि जीवनो हँसैछ जीवनपर
घटाव केर हिसाबमे एखन जोड़ाबै छी
बहुत भेटैत अछि, बहुत-बहुत उताहुल सन
पजरि जे आगि रहल से कने जगाबै छी
बसल कतेक गाम गीत केर उजड़ि गेलै
हँसीक दोग महक नोरकेँ बचाबै छी
कतेक आँखिसँ सपना टुटैत खसि पड़लै
खसल जकर जतेक पल, तकर उठाबै छी
- पुस्तक : अवान्तर (पृष्ठ 20)
- रचनाकार : मायानन्द मिश्र
- प्रकाशन : मैथिली चेतना परिषद्, सहरसा
- संस्करण : 1977
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