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युद्ध जीतना समर के बाद का विचार है

yuddh jitna samar ke baad ka vichar hai

अमन अक्षर

अमन अक्षर

युद्ध जीतना समर के बाद का विचार है

अमन अक्षर

और अधिकअमन अक्षर

    युद्ध जीतना समर के बाद का विचार है

    युद्ध को रोक पाए तो हमारी हार है

    जीतकर ये कब हुआ विवाद ही नहीं रहा

    जो विजय किया विजय के बाद ही नहीं रहा

    भोर हो गई है शोर नाद ही नहीं रहा

    हमने क्या गँवा दिया है याद ही नहीं रहा

    प्यार आख़िरी उम्मीद प्यार पहला वार है

    युद्ध को रोक पाए तो हमारी हार है

    एकता की ओढ़नी पे दाग़ दे रहे हो तुम

    जोड़ का गणित है देश भाग दे रहे हो तुम

    देशप्रेम का नया ही राग दे रहे हो तुम

    बेवजह कपास में क्यों आग दे रहे हो तुम

    मैं जो कह रहा हूँ हर किताब का ये सार है

    युद्ध को रोक पाए तो हमारी हार है

    अखंडता को खंड-खंड कर गला दिया गया

    युद्ध था विकल्प आदतों में ला दिया गया

    दीप से अधिक हवा को हौसला दिया गया

    किसके नाम पर मेरा ये घर जला दिया गया

    जिसका घर बचा है आग में वो गुनाहगार है

    युद्ध को रोक पाए तो हमारी हार है

    उनकी याद में वतन के लाख गीत गाएँ हम

    कैसा हो जो देश उनके साथ ही बनाएँ हम

    राग देश का उन्हीं की धुन में गुनगुनाएँ हम

    उनके साथ ही अगर दीवाली मनाएँ हम

    उनको खो रहे हैं जिनके दम से हर त्योहार है

    युद्ध को रोक पाए तो हमारी हार है

    अपनी धरती से अलग प्रवास कुछ भी है

    नहीं घर ही रण बना तो फिर निकास कुछ भी है नहीं

    ऐसा दाँव खेलने में ख़ास कुछ भी है नहीं

    देश के सिवा हमारे पास कुछ भी है नहीं

    हमारा जो प्रहार है हमी पे ही प्रहार है

    युद्ध को रोक पाए तो हमारी हार है

    मेरा दोष क्या है जो मैं होश खो नहीं रहा

    तुमसे मेरे दर्द का हिसाब हो नहीं रहा

    जिसका दंभ था हमें ये देश वो नहीं रहा

    रो सकें तो रोइए कि कोई रो नहीं रहा

    दिल का जो सितार है वो सारा तार-तार है

    युद्ध को रोक पाए तो हमारी हार है

    स्रोत :
    • पुस्तक : एक लड़की (पृष्ठ 95)
    • रचनाकार : अमन अक्षर
    • प्रकाशन : हिन्द युग्म
    • संस्करण : 2024

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