माघ मनोहर नेह लागल पिया चलल परदेस यो
maagh manohar neh lagal piya chalal pardes yo
(चौमासा)
माघ मनोहर नेह लागल पिया चलल परदेस यो
पिय परदेसी ओतहि गमाओल हम धनि बारि वयस यो
फागुन हे सखि आम मजरल कोइली करत घमसान यो
कोइली सबद सुनि हिया मोरा सालै थिकहि फागुन मास यो
चैत हे सखि धर्मक मास थिक सब सखि गंगा स्नान यो
सब सखि पहिरत पियर पिताम्बर हम धनि गुदड़ी पुरान यो
बैसाख हे सखि उषम ज्वाला घामसँ भीजल सरीर यो
पिया जे रोपल सखि चाननक गछिया ओहि तर सीतल बसात यो
- पुस्तक : मैथिली लोकगीत (पृष्ठ 335)
- संपादक : अणिमा सिंह
- प्रकाशन : साहित्य अकादमी, नई दिल्ली
- संस्करण : 1993
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