Font by Mehr Nastaliq Web

लेखक : मोहनलाल महतो वियोगी

संस्करण संख्या : 001

प्रकाशक : साहित्य निकेतन, प्रयाग

मूल : प्रयागराज

प्रकाशन वर्ष : 1941

भाषा : हिंदी

पृष्ठ : 200

सहयोगी : सरदार शहर पब्लिक लाइब्रेरी

विचार-धारा

पुस्तक: परिचय

विचार-धारा प्रस्तुत पुस्तक लेखक के विचारों का एक छोटा-सा संग्रह है। पुस्तक में लेखक ने अपने विचारों को उन्मुक्तता के साथ प्रस्तुत किया है।

.....और पढ़िए

लेखक: परिचय

मोहनलाल महतो वियोगी हिंदी साहित्य संसार की अत्यंत प्रखर प्रतिभा के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने दस से अधिक पुस्तकों की रचना की। इनमें ‘निर्माल्य’, ‘एकतारा’ और ‘रजकण’ अपनी हृदयस्पर्शी वैयक्तिकता के लिए सदैव स्मरणीय हैं। वियोगी जी का गद्य-लेखन भी बेहद समृद्ध है। वह कहानी, उपन्यास, नाटक, निबंध और संस्मरण विधाओं में समय-समय पर प्रचुर लेखन करते रहे। राष्ट्र-प्रेम की भावना से संयुक्त विचार-पक्ष उनकी रचनाशीलता का बुनियादी पहलू है।

.....और पढ़िए