by श्री भिक्खु महाश्रमण सुनें! उनकी परम्पराएँ सुनें!! by श्री भिक्खु -1 अतिरिक्त अंक समीक्षा पढ़िए बुक सूची देखें लेखक : श्री भिक्खु संस्करण संख्या : 001 प्रकाशक : भारतीय ज्ञानपीठ, नई दिल्ली मूल : वाराणसी, भारत प्रकाशन वर्ष : 1963 भाषा : हिंदी पृष्ठ : 105 सहयोगी : भारतीय भाषा परिषद ग्रंथालय
पुस्तक: परिचय महाश्रमण सुनें! उनकी परम्पराएँ सुनें!! प्रस्तुत पुस्चक में रचनाकार ने कहानी रहुल की ही की थी किंतु परंतु बुद्ध का व्यक्तित्व विराट होने के कारण राहुल की कथा कहने वाले को बुद्ध की कथा कहनी पड़ी। .....और पढ़िए
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