by युवाचार्य महाप्रज्ञ घट-घट दीप जले by युवाचार्य महाप्रज्ञ -1 अतिरिक्त अंक समीक्षा पढ़िए बुक सूची देखें लेखक : युवाचार्य महाप्रज्ञ संपादक : मुनि दुलहराज संस्करण संख्या : 001 प्रकाशक : आदर्श साहित्य संघ, चुरू प्रकाशन वर्ष : 1980 भाषा : हिंदी श्रेणियाँ : शोध एवं समीक्षा पृष्ठ : 465 सहयोगी : राष्ट्रभाषा हिंदी प्रचार समिति, डूंगरगढ़
पुस्तक: परिचय 'घट-घट दीप जले' आचार्य महाप्रज्ञ ने सोचा कि घर-घर में जलने वाले ये दीप घट-घट में जल जाएं तो बाहरी अंधकार के साथ भीतर का अंधेरा भी समाप्त हो सकता। .....और पढ़िए
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