सफल आदमी

भगवत रावत

सफल आदमी

भगवत रावत

और अधिकभगवत रावत

    सफल आदमी के चेहरे पर

    उसकी उम्र की जगह लिखा होता है

    सफल आदमी

    वह नायक बनकर निकलता है अपने बचपन से

    और याद करता है उन्हें

    जो पड़े रह गए वहीं के वहीं

    कि एक वही निकल पाया ऊपर

    केवल अपने बलबूते पर

    वह अक्सर सोचता है उन चीज़ों के बारे में

    जिन्हें होना चाहिए था केवल उसके जीवन में

    वह उस दौड़ में कभी शामिल नहीं होता

    जहाँ पराजय का सुख होता है

    सफल आदमी में इतनी प्रतिभा होती है

    कि वह चाहता तो जो वह है

    उसके अलावा

    कुछ और भी हो सकता था

    लेकिन वह ऐसा कुछ नहीं होता

    वह केवल एक सफल आदमी होता है

    सफल आदमी के बारे में

    हम सब कुछ जानते हैं

    केवल उसका दुख नहीं जान पाते।

    स्रोत :
    • पुस्तक : निर्वाचित कविताएँ (पृष्ठ 115)
    • रचनाकार : भगवत रावत
    • प्रकाशन : इतिहासबोध प्रकाशन
    • संस्करण : 2004

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