उच्च शिक्षा

uchch shiksha

आयुष झा

आयुष झा

उच्च शिक्षा

आयुष झा

और अधिकआयुष झा

    अय्याशियों के अखाड़े में आलू-भात के लिए पटकनी खाते लोग

    डिग्रियाँ हुईं बीवियाँ हो जैसे

    डेढ़ हज़ार बीवियाँ रखकर भी कोई बाँझ कहलाए

    तो हॉस्पिटल में सिर पटकने के बजाय

    किसी धारदार चाक़ू से अपने लिंग काट

    हज़ार टुकड़े करके

    काले कौए में बाँट देना चाहिए

    उच्च शिक्षा के नाम पर भ्रूण-हत्या करते रहे लोगों के पास अय्याश होने का सर्टिफ़िकेट है

    सेंसर की क़ैंची भी बस वहीं चलती है

    जहाँ कलाकारी की थोड़ी भी गुंजाइश

    संवेदना के कुछ बचे-खुचे अख़रोट

    जबकि इन दिनों उच्च शिक्षा नपुंसक बनाने की फ़ैक्ट्री है

    यहाँ लोग मामूली सर्दी-ज़ुकाम की समस्या के साथ आते हैं

    और धर-पटककर नसबंदी परियोजना का शिकार हो जाते हैं

    एक इंजीनियर की महीने भर की पगार

    दादर में भीख माँग रहे भीखमंगे की रोज़ाना आमद से उन्नीस रुपए कम है

    माँगने वालों के पास मूँग दलने की कला है

    देने वालों की छाती पर सेमल के फूल।

    स्रोत :
    • रचनाकार : आयुष झा
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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